जब से युद्ध शुरू हुआ है शेयर मार्केट जीवियों का दिल धकाधक हो रहा है। जो इस धंधे के कीड़े हैं वह भी हाथ पैर हाथ धरे बैठे हैं । कीड़े चाहे राजनीति के हों चाहे धर्म के, वे मजबूत स्थिति में होते हैं। अपने मनीराम तिजोरी शेयर मार्केट में तितली या भौरे की हैसियत से हैं। मतलब जब भी कोई फूल खिला देखते हैं तो उसका रस चाट कर अलग हो जाते हैं । कहते हैं कि युद्ध के करण शेयर बाजार लगातार लुढ़क रहा है। मनीराम तिजोरी को यही चिंता खाए जा रही है कि बाजार लीधक रहा है। युद्ध में लोग मर रहे हैं, शहर तबाह हो रहे हैं । लेकिन जानों की कीमत से बाजार को क्या, शेयर्स की कीमत नहीं गिरना चाहिए। उधर मिसाइल चलती है और इधर शेयर फट्ट से गिर पड़ते हैं। दुखी मनीराम बोले -- शेयर बाजार बड़ा ही संवेदनशील है। जरा सी फाँ-फूँ या धाँ-धूँ से हिल जाता है। संवेदनशीलता कहीं की भी हो अच्छी नहीं होती है।
" हाँ, जहां भी संवेदनशीलता होती है पुलिस को गश्त
लगाते रहना पड़ता है।" दीनानाथ बोले।
" अरे हम शेयर मार्केट की बात कर रहे हैं।... आदमियों के लिए तो डॉक्टर है
अस्पताल है। शेयरों के लिए कुछ भी नहीं है। पिछले कई महीनों से मार्केट उछल रहा
था। युद्ध शुरू हुआ तो धड़ाम से गिर गया!! "
" यार उछल कूद में थोड़ा बहुत गिरना पड़ना तो चलता है। हमारा चिंटू रोज गिरता
पड़ता रहता है लेकिन उसकी उछल कूद बंद नहीं होती है। " दीनानाथ फिर आउट ऑफ़
कोर्स बोले।
" आप समझ नहीं रहे हैं दीनानाथ जी,
चिंटू अपनी मौज में उछलता है। शेयर बाजार बाहरी कारणों से
उछलता और गिरता है। दोनों में अंतर है।
"
" वही तो कह रहा हूं चिंटू आत्मनिर्भर है। मन हुआ तो उछल लिए नहीं हुआ तो
नहीं उछले । प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर होने के लिए कहा है, तो शेयर मार्केट को भी हो जाना चाहिए। हमारा चिंटू तो हो गया।"
" शेयर बाजार का मामला चिंटू से अलग है आप समझते क्यों नहीं। दुनिया में
शांति हो तब शेयर मार्केट अच्छा चलता है वरना गिरने लगता है। कभी-कभी तो टूट कर
बिखर जाता है। " मनीराम बोले।
" पिछली बार जब शांति थी तब तो आप कह रहे थे कि बाजार ठंडा है!! फ्रिज में
रखा था क्या!? "
" ऐसा नहीं है यार। शेयर मार्केट में 'बुल ' होते हैं। वे लोग बाजार को उठाते गिराते रहते हैं तो बाजार ठंडा गरम होने
लगता है। "
" युद्ध काल में गिर जाता है!! शांति काल में ठंडा गर्म होता है!! यह कोई
बुखार होगा इलाज कराओ इसका। हमारे चिंटू को बुखार होता है तो हम फौरन डाक्टर को
दिखते हैं ।"
" शेयर बाजार का इलाज नहीं होता दादा दीनानाथ। यो समझिए कि इलाज आदमी का
होता है थर्मामीटर का नहीं। "
" पहले बताना था कि शेयर मार्केट एक थर्मामीटर है। तो इस थर्मामीटर के लिए
आप क्यों चिंतित होते रहते हो! मुझे लगता है कि आप ही बीमार हो। इलाज कराओ अपना
जल्दी से। "
" छोड़िए दीनानाथ जी, शेयर मार्केट के बारे में आप कुछ
समझ नहीं सकेंगे। आप सब्जी मार्केट देखते हैं और समझते हैं यही बहुत है। "
" अरे सब्जी मार्केट की अच्छी कही यार। वहां 'बुल ' यानी सांड घुसता है तो लोग डंडा मार कर भगा देते हैं। सुना है शेयर
मार्केट में बियर और पिग भी होते हैं!? डंडा ले कर जय करो
शेयर मार्केट में । "
" अरे क्या बताएं आपको ! बुल, बीयर और पिग, यही सब लोग खेल करते हैं मार्केट में। "
" अभी तो आप कह रहे थे कि युद्ध के कारण मार्केट धंस गया है !!"
" धंसा नहीं है... गिरा है, लुढ़का है। "
" पहले तय कर लो कि गिरा है या लुढ़का है। हमारा चिंटू .... "
" अब मुझे शुतुरमुर्ग हो जाना चाहिए। शेयर मार्केट में चतुर सियार खास मौकों
पर शुतुरमुर्ग हो जाते हैं। " मनीराम बोले।
" सियार और शुतुरमुर्ग भी!!... मनीराम तुम शेयर मार्केट में काम करते हो या
चिड़ियाघर में !?"
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